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महिला सशक्तिकरण की मिसाल हैं बलिया की ये बेटी, बीडीसी का चुनाव लड़ पेश कर रही नजीर !

बलिया डेस्क: बलिया के नरही थाना क्षेत्र के पिपरा कलां गांव में चुनावी रंजिश में कहासुनी के बाद ईंट पत्थर चलने के साथ ही फायरिंग हो गई वाली घटना तो आपको याद ही होगी। अगर नहीं जानते हैं तो हम आपको इस घटना के बारे में बताएंगे। दरअसल जिले का पंचायती चुनाव में बवाल का यह सबसे चर्चित मामला है। जिसने पुलिस प्रशासन तक पर सवालिया निशान खड़ा कर दिया था। घटना को हम आपको बताएंगे लेकिन जिले में इस घटना ने महिला सशक्तिकरण का एक ऐसा उदाहरण पेश किया है जो जिले की हर बेटी के लिए नजीर बन सकता हैं।

इस घटना में घायल चंद्रभान सिंह की बेटी में महिला सशक्तिकरण के लिए वास्तव में एक मिसाल पेश की किया। उनके पिता के साथ हुए मारपीट के बावजूद भी इस लड़की ने हार नहीं मानी और आज अपना बीडीसी चुनाव के लिए पर्चा भरा। हालांकि दबंगों ने इनको चुप कराने के लिए अपने स्तर से कोई प्रयास नहीं छोड़ा। परंतु इस गांव की बेटी ने बिल्कुल हार नहीं मानी। दिलचस्प बात यह है जिले की पिपरा कला गांव की इस बेटी ने एक ऐसा मिसाल कायम किया। जिसे जानकर आपको गर्व की अनुभूति होगी। दरअसल अमृता सिंह आजादी के बाद इस गांव की पहली बेटी हैं जिन्होंने चुनाव लड़ने का फैसला किया। जो वास्तव में सराहनीय है।

अब आप यह भी जान लीजिए कि मामला क्या था?

विकासखंड सोहांव में ब्लाक प्रमुख पद इस बार अनारक्षित है। इसको लेकर सम्भावित प्रमुख पद के प्रत्याशी क्षेत्र पंचायत सदस्य (BDC) का चुनाव जीतने को अपने क्षेत्र में डटे थे। दावतों का भी दौर चल रहा था। इसी कड़ी में पिपरा कलां गांव में शुक्रवार की रात क्षेत्र पंचायत सदस्य पद के दो दावेदारों की पार्टी अलग-अलग चल रही थी। दोनों दावेदार क्षेत्र पंचायत सदस्य की एक ही सीट पर चुनाव लड़ रहे हैं। दोनों का घर पास में ही है।

एक पक्ष के आकाश सिंह की दावत रात के 9:00 बजे खत्म हो गई, जबकि दूसरे पक्ष के मनीष सिंह धीरज की दावत विक्रमा सिंह के दरवाजे पर चल रही थी। आरोप हैं कि उसी दौरान मनीष सिंह धीरज की तरफ से छींटाकशी की गई, जिसका प्रतिरोध आकाश सिंह के समर्थकों ने किया तो दोनों पक्ष में कहासुनी होने के बाद ईंट पत्थर चलने लगे। इसमें आकाश सिंह के पिता चंद्रभान सिंह को सिर पर गंभीर चोटें आई। इसके बाद हो-हल्ला मचने पर फायरिंग शुरू हो गई। सूचना मिलते ही नरही थाना प्रभारी योगेंद्र बहादुर सिंह मौके पर पहुंच गये। तब तक चितबड़ागांव और फेफना थाने की पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। इसी समय पुलिस अधीक्षक विपिन टाडा भी मौके पर पहुंच गए।

पुलिस ने रात में ही दबिश देनी शुरू कर दी। इसमें दोनों पक्षों से 7 लोगों को हिरासत में लिया गया। इसमें प्रथम पक्ष से विजय सिंह उर्फ बागी पुत्र परमात्मा सिंह, रविशंकर सिंह उर्फ सीटू पुत्र हरिशंकर सिंह, धर्मेंद्र नाथ सिंह पुत्र स्व. प्रसिद्ध नाथ सिंह निवासी पिपरां कलां तथा दूसरे पक्ष से लक्ष्मण सिंह पुत्र स्व. रामचंद्र सिंह, संतोष सिंह पुत्र स्व. गुप्तेश्वर सिंह, दिग्विजय सिंह पुत्र स्व. चंद्रबली सिंह निवासी पिपरा कला एवं संजय सिंह यादव पुत्र रामराज सिंह यादव निवासी खैराबारी थाना भांवरकोल गिरफ्तार किए गए।

घटना में बुरी तरह से घायल चंद्रभान सिंह को इलाज के लिए रात में ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नरही पर लाया गया, जहां उनकी हालत को गंभीर देख चिकित्सकों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। लेकिन वहां से भी उन्हें वाराणसी रेफर किया गया है। उनका इलाज ट्रामा सेंटर वाराणसी में चल रहा है।

इस घटना में घायल चंद्रभान सिंह की पुत्री ने बलिया के एसपी को पत्र लिखकर गंभीर आरोप लगाया था

इस घटना के बाद घायल चंद्रभान सिंह की पुत्री ने बलिया के एसपी को पत्र लिखकर दूसरे पक्ष पर गंभीर आरोप लगाने के साथ-साथ अपने जीवन की सुरक्षा की भी मांग की थी । दरअसल चंद्रभान सिंह की पुत्री अमृता सिंह ने बलिया एसपी को पत्र लिखते हुए कहा कि दूसरे पक्ष के लोगों ने हमारे घर वालों के ऊपर लाठी-डंडों के साथ गोलीबारी, फरसा से हमला किये। जिसे मेरे पिता चंद्रभान सिंह बुरे तरीके से घायल हो गये।

जिनका इलाज बीएचयू के ट्रामा सेंटर में चल रहा है जो जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे हैं। इसके साथ-साथ उन्होंने पत्र लिखते हुए आरोप लगाया कि मेरे पिताजी जब घायल हुए थे तो, उनके एंबुलेंस को रोका गया और एंबुलेंस में तोड़फोड़ की गई। उन्होंने आगे अपनी सुरक्षा की मांग करते हुए कहा, कि मेरे घर में अभी कोई पुरुष इस वक्त मौजूद नहीं है , उन्होंने पत्र में पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि थाना नरही को लेकर विपक्षी हमारे घर आते हैं और अश्लील हरकत हम बच्चियों के साथ करते हैं घर में तोड़फोड़ और अपमान भी करते हैं।

उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि छत के ऊपर से लोग घर में प्रवेश कर करते हैं और तोड़फोड़ करते हैं उन्होंने यह भी कहा कि मेरे घर में मेरी बहन के बक्से को तोड़कर 35000 की नगदी एवं ज्वेलरी भी चुरा ले गए हैं, पुलिस की उपस्थिति में इस कार्य के होने से मेरे परिवार के औरतों का जीवन जीना दुर्लभ हो गया है इसके साथ ही उसने यह भी आरोप लगाया कि इस चुनाव से दूरी बनाने हेतु उनसे सभी कारगुजारी भी कर रहे हैं। जिससे मेरे जीवन को भी खतरा है ऐसी स्थिति में उन्होंने पुलिस से न्याय संगत जांच करने की मांग करती हैं।

सतीश

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