बलिया में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के दावे पूरी तरह फेल होते नजर आ रहे हैं। जिला अस्पताल में आए दिन जांच मशीनों की खराबी और डॉक्टरों की कमी से जनता पहले से ही परेशान हैं। वहीं खटारा पड़ी एंबुलेंस उनके लिए मुसीबत बन गई है।
हालत यह है कि गंभीर मरीजों को लाने-ले जाने के लिए एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो पाती। आपातकालीन स्थितियों में एंबुलेंस का टोटा रहता है। बमुश्किल कोई एंबुलेंस मिल भी जाती है तो उसमें मरीजों को ले जाना मुश्किल होता है।
बैरिया जिले में हाल और भी बुरा है। यहां दर्जनों एंबुलेंस खराबी के कारण वर्षों से खड़े-खड़े खराब हो रही हैं। लेकिन जिला प्रशासन और राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के द्वारा इन पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। वर्षों से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोनबरसा, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कोटवा, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मुरली छपरा पर एंबुलेंस खड़ी हैं, लेकिन वह मरीजों के काम नहीं आ रही।
ऐसे में प्रशासन को चाहिए कि या तो एंबुलेंसों को ठीक करवाकर अस्पतालों को सौंपा जाए या फिर नीलाम कर राजकोष में पैसे जमा करा देना चाहिए। भाजपा नेता सुशील पांडेय ने जिलाधिकारी का ध्यान इस ओर अपेक्षित करते हुए इन एंबुलेंसों के उचित निस्तारण के लिए कार्रवाई की गुहार लगाई है।
बलिया। समाजवादी राजनीति में राम गोविंद चौधरी की पहचान और उनके लंबे राजनीतिक अनुभव की…
तीन बार के विधायक उमाशंकर सिंह के निधन के बाद रसड़ा की राजनीतिक तस्वीर बदल…
फेफना विधानसभा सीट पर 2027 को लेकर जनता का मूड क्या है? विधायक संग्राम सिंह…
सिकंदरपुर विधानसभा में 2027 की तैयारी शुरू हो चुकी है। विधायक जियाउद्दीन रिजवी के कार्यकाल…
बेल्थरा रोड (सुरक्षित) विधानसभा सीट पर 2027 का मुकाबला दिलचस्प होने वाला है। विधायक हंसू…
बैरिया विधानसभा में 2027 को लेकर चर्चाएं शुरू हो चुकी हैं। विधायक जय प्रकाश अञ्चल…