उत्तर प्रदेश में बन रहे ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस वे के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है। इस प्रक्रिया में कई किसानों की करोड़ों की जमीन अधिग्रहित की जा रही है। ऐसे में कई किसाब अधिग्रहण प्रक्रिया के विरोध में उतर गए हैं।
किसानों का कहना है कि कृषि योग्य भूमि को बिना बैनामा कराए ही कब्जा किया जा रहा है। इससे परेशान होकर 65 किसानों ने हाईकोर्ट की शरण ली है। किसानों ने हाईकोर्ट के आदेश की प्रति दिखाते हुए 2 जुलाई को सामूहिक आत्मदाह की चेतावनी दी है।
बता दें कि उच्च न्यायालय ने आदेशित किया है कि किसानों से भूमि का बैनामा जबरन न कराया जाए और न ही ज्यादती की जाए। इसके बावजूद तहसील प्रशासन कृषि योग्य भूमि को बिना बैनामा कराए कब्जा कर रहा है। किसानों ने 2 जुलाई को सामूहिक रूप से आत्मदाह की चेतावनी दी। किसानों ने कहा कि हमारी आपत्तियों को दर्ज करते हुए हमारे खाते में प्रतिकर भेजें। इसके बाद ही भूमि का अधिग्रहण किया जाए।
किसानों ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत करने के साथ ही जिलाधिकारी व उपजिलाधिकारी बैरिया को पत्रक सौंपा। कहा कि 65 किसानों ने उच्च न्यायालय की शरण ली है। बैरिया उपजिलाधिकारी सुनील कुमार ने कहा कि किसानों के मांग के अनुसार हम उनके खाते में प्रतिकर भेजने के लिए तैयार हैं। किसान हमारे सामने उपस्थित होकर अपना खाता नंबर उपलब्ध कराएं, जिससे कि उनके खाते में पैसा भेजा जा सके।
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