दलालों का धौंस इतना है कि जिला परिवहन कार्यालय में बाबुओं के बगल में ही इनकी कुर्सी लगने लगी है।
बलिया का जिला परिवहन कार्यालय पूरी तरह दलालों का अड्डा बन चुका है। जिला परिवहन कार्यालय में दलालों की तूती बोलती है। उनसे संपर्क किए बगैर जिला परिवहन कार्यालय की कोई भी फाइल टस से मस नहीं होती है। दलालों का धौंस इतना है कि जिला परिवहन कार्यालय में बाबुओं के बगल में ही इनकी कुर्सी लगने लगी है। इन सब में आला अधिकारियों की भी मिलीभगत है। स्थिति इतनी खराब है कि जिला परिवहन कार्यालय में आने वाला कोई भी व्यक्ति इनसे बच नहीं पाएगा।
परमानेंट हेवी लाइसेंस की सरकारी फीस 1000 रुपए हैं। हालांकि काम जल्दी हो जाए इसके लिए एजेंट को 4000-4500 रुपए तक देने पड़ते हैं। टेंपो फिटनेस की सरकारी फीस ऐसे तो 600 रुपए हैं लेकिन दलालों का रेट 1400 है। कार्यालय में दलालों की घुसपैठ इतनी गहरी है कि जिस दिन कोई बाबू छुट्टी पर होता है तो उसकी जिम्मेदारी दलाल ही निभाते हैं। जिला परिवहन कार्यालय में लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस की काम बाबू देखते हैं। लेकिन दफ्तर में कोई और देखता हैं।
26 जनवरी 2026 को जमुना राम मेमोरियल स्कूल के प्रांगण में 76वां गणतंत्र दिवस समारोह…
बलिया। ध्रुवजी सिंह स्मृति सेवा संस्थान, पूर-बलिया के सचिव भानु प्रकाश सिंह ‘बबलू’ ने विश्वविद्यालय…
बलिया जिले की फेफना विधानसभा क्षेत्र के तीखा गांव में टोंस नदी तट पर स्थित…
बलिया। फेफना जंक्शन पर एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव को लेकर क्षेत्रवासियों की लंबे समय से…
बलिया के चितबड़ागांव स्थित जमुना राम मेमोरियल स्कूल में भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी…