“गठबंधन के बाद भाजपा नेता-कार्यकर्ता अब बसपा-सपा में शामिल हो रहे हैं”

बहुजन समाज पार्टी से राजनीतिक गठबंधन के बाद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बीजेपी पर हमला बोला है. अखिलेश यादव ने रविवार सुबह ट्वीट किया, बसपा-सपा में गठबंधन से न केवल भाजपा का शीर्ष नेतृत्व व पूरा संगठन बल्कि कार्यकर्ता भी हिम्मत हार बैठे हैं. अब भाजपा बूथ कार्यकर्ता कह रहे हैं कि ‘मेरा बूथ, हुआ चकनाचूर’. ऐसे निराश-हताश भाजपा नेता-कार्यकर्ता अस्तित्व को बचाने के लिए अब बसपा-सपा में शामिल होने के लिए बेचैन हैं.

बता दें कि बहुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी आगामी लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की 38-38 संसदीय सीटों पर चुनाव लड़ेंगे. गठबंधन करने के बाद इन दलों ने दो सीटें छोटी पार्टियों के लिए छोड़ दीं जबकि अमेठी और रायबरेली सीट पर प्रत्याशी न उतारने का फैसला किया है.अमेठी लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और रायबरेली लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्व संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी करती हैं. बसपा सुप्रीमो मायावती के साथ सपा मुखिया अखिलेश यादव ने शनिवार को एक होटल में संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया.

बसपा-सपा में गठबंधन से न केवल भाजपा का शीर्ष नेतृत्व व पूरा संगठन बल्कि कार्यकर्ता भी हिम्मत हार बैठे हैं. अब भाजपा बूथ कार्यकर्ता कह रहे हैं कि ‘मेरा बूथ, हुआ चकनाचूर’. ऐसे निराश-हताश भाजपा नेता-कार्यकर्ता अस्तित्व को बचाने के लिए अब बसपा-सपा में शामिल होने के लिए बेचैन हैं.

मायावती ने गठबंधन को नई राजनीतिक क्रांति का आगाज बताते हुए कहा था कि इस सपा-बसपा गठबंधन से ‘गुरु-चेला (प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह) की नींद उड़ जाएगी. उन्होंने कहा, ‘नए वर्ष में यह एक प्रकार की नई राजनीतिक क्रांति की शुरुआत है. गठबंधन से समाज की कई उम्मीदें हैं. यह सिर्फ दो पार्टियों का मेल नहीं है बल्कि सर्वसमाज (दलित पिछडा, मुस्लिम, आदिवासी) और गरीबों, किसानों तथा नौजवानों का मेल है. यह सामाजिक परिवर्तन का बड़ा आंदोलन बन सकता है. गठबंधन कितना लंबा चलेगा, इस सवाल पर मायावती ने कहा कि गठबंधन स्थायी है. यह सिर्फ लोकसभा चुनाव तक ही नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव में और उसके बाद भी चलेगा.

संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार ने उत्तर प्रदेश को ‘जाति प्रदेश’ बना दिया है, यहां तक कि भाजपा ने भगवानों को भी जाति में बांट दिया उन्होंने कहा ‘इस गठबंधन से भाजपा घबरा गई है और वह तरह-तरह की साजिशें रच सकती है. पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील है कि वे संयंम के साथ हर साजिश को नाकाम करें क्योंकि गठबंधन से घबराकर भाजपा तरह-तरह से परेशान करने की साजिश कर सकती है, दंगा-फसाद का प्रयास भी कर सकती है. भाजपा के अहंकार का विनाश करने के लिए बसपा और सपा का मिलना बहुत जरूरी था. प्रधानमंत्री पद का दावेदार कौन होगा, इस सवाल को अखिलेश ने चतुराई से टालते हुए कहा कि उप्र अक्सर देश को प्रधानमंत्री देता है, ‘प्रधानमंत्री उत्तर प्रदेश से ही हो तो अच्छा रहेगा.’

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