बलिया में अच्छे दिन लाने के लिए अब केंद्र सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। जनपद के 75 गांवों को अब पूरी तरह से आत्मनिर्भर बनाया जाएगा। इसके लिए गांवों में सरकार की योजनाएं लागू की जाएंगी, केंद्र सरकार इन गांवों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए पैसे देगी।
गांवों को आत्मनिर्भर बनाने के इस प्रोजेक्ट में बलिया के अलावा महाराष्ट्र के सतारा और पश्चिम बंगाल के मेदिनीपुर जनपद के 75-75 गांव भी शामिल हैं। यह जानकारी भारतीय किसान मोर्चा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने दी। उन्होंने बताया कि पिछले सप्ताह संसदीय बोर्ड की बैठक में इसके लिए प्रस्ताव रखा गया था। इस प्रस्ताव को भारत सरकार ने स्वीकार कर लिया है।
पत्रकारों से बातचीत में सांसद ने बताया कि बलिया, सतारा व मेदिनीपुर के जिन गांवों का चयन किया जाएगा वहां खेती पर खासतौर पर ध्यान दिया जाएगा। विकसित खेती, आर्गेनिक खेती, सिंचाई, शिक्षा, चिकित्सा, सड़क, बिजली, पेयजल, सुरक्षा व रोजगार उपलब्ध कराने पर सरकार का फोकस होगा। इस आत्मनिर्भर प्रोजेक्ट में इन सभी पहलुओं पर काम किया जाएगा।
सांसद ने बताया कि बिना आत्मनिर्भर गांव के आत्मनिर्भर देश की कल्पना नहीं की जा सकती। इसी क्रम में पहले इन जनपदों के 75-75 गांवों को पूरी तरह से आत्मनिर्भर बनाने की योजना है। योजना के सफल क्रियान्वयन के बाद तीनों जनपदों के सभी गांवों को पूरी तरह से आत्मनिर्भर बनाने के प्रयास किए जाएंगे। सांसद ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, राज्यसभा के सभापति वेंकैया नायडू, लोकसभा के अध्यक्ष ओम बिड़ला, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने प्रस्ताव के प्रति विशेष रुचि दिखाई है। वहीं केंद्र सरकार की इस योजना से अब गांव आत्मनिर्भरता के साथ विकास की ओर उन्मुख होंगे।
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